Friday, June 15, 2018

vyang ...

sanyatikarya

 हाँ मैने  भारत को परिवर्तित होते देखा  हैं 
बेटा -बेटी  समान  नारे लगाने वालो को 
बेटी को बोझ  कहते  हुए  देखा हैं
    हाँ  मैने  भारत को परिवर्तित होते देखा  हैं  || १||  
  भाईचारों  के नारे लगाने वालो को  चंद  पैसो  के लिए  
 अपने भाई का क़तल  करते हुये देखा हैं 
   हाँ मैने  भारत को परिवर्तित होते देखा  हैं  
 बहुँ  बेटी  एक  समान  नारे लगाने   वालो को 
 उसी  बेटी को दहेज के लिए जलाते हुए  देखा हैं 
हाँ  मैने  भारत को परिवर्तित होते देखा  हैं || २ || 

   स्वार्थ  के लिए  लोगो के ईमान का  डोलते   देखा 
 भाईचारों  के नारे लगाने वालो को  चंद  पैसो  के लिए  
 अपने भाई का क़तल  करते हुये देखा हैं हैं 
  हाँ  मैने  भारत को परिवर्तित होते देखा  हैं || ३ || 
चंद  बोटों  के लिए  नेताओं  को  लोगो के हिमान से खेलते हुए  देखा  हैं 
हाँ  मैने  भारत को परिवर्तित होते देखा  हैं 
  सफाई  अभियान के नारे  लगाने   वालो को 
 गंदिगी फैलाते  हुए  देखा हैं 
 हाँ  मैंने  भारत को परिवर्तित होते देखा  हैं || ४ ||   
 जनकलयाण  के नारे लगाने वालो को 
जनहानि करते हुए देखा हैं 
हाँ  मैने  भारत को परिवर्तित होते देखा  हैं
हाँ  मैने  भारत को परिवर्तित होते देखा  हैं
 परिवर्तित होते देखा  है  ..  

















  



sanyatikarya / Author & Editor

नमस्कार राम राम मेरे प्यारे श्रोताओं मेरा नाम सान्या है। मैं एक पेशे से एक डॉक्टर हूं। मै बीमारी का भी इलाज करती हूं दवाई से और कविताओं से भी विचलित मन का इलाज करती हूं। मेरी समस्त कविताएं संजीदा और प्रेरणादायक मुद्दे पर होती है जो इंसान को जीने के लिए प्रेरित करती है तो आप सभी कवि मित्रो और साहित्य प्रेमियों का मै सान्या आपका स्वागत करती हू|

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