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यु आज हकीकत की बात चली तो
आईना ने भी शर्म से चादर ओढ़ ली
और गहरे चिंतन में पढ़ गया और
बोला
नकाबो के पीछे छुपी हकीकत कैसे देखाऊ
यहाँ तो इंसान हज़ारो नकाब लगाएं खुमते है
मीठी जुबा और खंजररो का अचूक तालमेल है यहाँ
राहो में हज़ारअपने मगर बने खड़े है
वाह रे वह इंसान तेरे रंग देख कर तो
गिरगिट ने रंग बदलना छोड़ दिया
मगरो ने इंसानो से फासले बना लिए
यह कहकर अब मेरी क्या जरुरत
अब में क्या हकीकत व्या करू
जब जब मेने इंसानो को समझ ने की कोशिश की
इंसानो ने नकाब ही बदल दिया और
में टूट कर हर बार बिखरा
यह सिलसिला युही कायम है आज भी
इंसान नवाबो से छकता नही और
में हकीकत व्या कर के
वाह रे वाह इंसान
तेरी यही कहानी है ॥
बोला
नकाबो के पीछे छुपी हकीकत कैसे देखाऊ
यहाँ तो इंसान हज़ारो नकाब लगाएं खुमते है
मीठी जुबा और खंजररो का अचूक तालमेल है यहाँ
राहो में हज़ारअपने मगर बने खड़े है
वाह रे वह इंसान तेरे रंग देख कर तो
गिरगिट ने रंग बदलना छोड़ दिया
मगरो ने इंसानो से फासले बना लिए
यह कहकर अब मेरी क्या जरुरत
अब में क्या हकीकत व्या करू
जब जब मेने इंसानो को समझ ने की कोशिश की
इंसानो ने नकाब ही बदल दिया और
में टूट कर हर बार बिखरा
यह सिलसिला युही कायम है आज भी
इंसान नवाबो से छकता नही और
में हकीकत व्या कर के
वाह रे वाह इंसान
तेरी यही कहानी है ॥
Hat off madam, u r so talented. God bless u
ReplyDeleteShandaar dear..... esee hi likhti rhoo hmesaa
ReplyDeletethank u
ReplyDeleteSuperb
ReplyDeleteu too are in my inspiration list. may you always be blessed with suchcreativity o even better(itzskay[yoursquote.in])
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