में भी हँस कर तन्हाईयाँ छुपा रही थी
खुद ही फूल खरीद कर दिल फुसला रही थी
दुनिया पूछती रही किस ने दिए गुलाब
हम भी पागल हर बार मुस्कुरा रहे थे
लोग एक एक गुलाब लेते गए
और मेको मेरी तन्हाइयोँ का एहसास करवा ते गए !!!
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