Saturday, February 5, 2022

माँ सरस्वती जी से सीखें जीवन जीने की कला

sanyatikarya

 आओ माँ सरस्वती जी से सीखे जीवन जीने की  कला :- 

■शास्त्रो के अनुसार देवी सरस्वती जी विद्या की देवी है और उनका स्वरूप श्वेत वर्ण बताया गया है | माँ का वाहन भी सफेद हंस है | सफेद रंग शांति और पवित्रता का प्रतीक है| सफेद रंग शिक्षा देता है  कि अच्छी विद्या और संस्कार के लिए  आवश्यक है कि  आपका मन शांत और  पवित्र हो| 

■ माँ के हाथ पर जो पुस्तक है, वो सिखाती है, हमारा लगाव पुस्तक के लिए सदा ही रहे , भले ही भौतिक रूप से न हो ,पर मानसिक रूप से सदा  रहे |

■ माँ के हाथ की माला सिखाती है , की हमे सदैव  चिंतन में रहना चहिए |  

■ माँ के वीणा हमे सीखती है, हमारे जीवन मे संगीत जैसी ललित कलाओं के लिए रुचि सदैव होनी चहिए ,संगीत  एकरग्रता  व मन शांत करने के लिए भी सहायक है | 

■ माँ के चित्र में सूरज उगता हुआ दिखता है , यह  सीखता है  की ज्ञान की रोशनी से भाग्य का उदय सूरज जैसा होता है | 

■ माँ के चित्र में माँ  नदी किनारे  एकांत में बैठी  दिखाई देती है , यह सीखता है कि  विद्यार्जन के लिए एकांत भी ज़रूरी है 

■ माँ का वाहन हंस यही संदेश देता है कि मां सरस्वती की कृपा उसे ही प्राप्त होती है जो हंस के समान विवेक धारण करने वाला है। केवल हंस में ही वह विवेक होता है कि वह दूध और पानी को अलग-अलग कर सकता है। सभी जानते हैं कि हंस दूध ग्रहण और पानी छोड़ देता है। इसी तरह हमें भी बुरी सोच को छोड़कर अच्छाई को ग्रहण करना चाहिए |

आइए यह सारी सीखे हम अपने-अपने जीवन मे  उतार कर जीवन को सफल बनाए |




 

sanyatikarya / Author & Editor

नमस्कार राम राम मेरे प्यारे श्रोताओं मेरा नाम सान्या है। मैं एक पेशे से एक डॉक्टर हूं। मै बीमारी का भी इलाज करती हूं दवाई से और कविताओं से भी विचलित मन का इलाज करती हूं। मेरी समस्त कविताएं संजीदा और प्रेरणादायक मुद्दे पर होती है जो इंसान को जीने के लिए प्रेरित करती है तो आप सभी कवि मित्रो और साहित्य प्रेमियों का मै सान्या आपका स्वागत करती हू|

3 comments:

Coprights @ 2016, Blogger Template Designed By Templateism | Templatelib