Thursday, May 17, 2018

बातचीत का नया तरीका एक बिचार मेरा एक आपका - 4 .........

sanyatikarya

जब लाइफ  आपको रेड सिग्नल  दे 

  जब भी लगे की बस अब नहीं हो रहा , या फिर सब कुछ आपके अगेंस्ट  जाने लगा है | तो  याद रखिये उस टाइम पेशेंस  बनाए  रखना बहुत जरुरी है | हाँ  आपको लगे की लाइफ आपकी ले रही  है ,  तो  एक काम करना  की उस टाइम  पे अपने आप को ऐसे लोगो  से सराउंड कर लेना चहिए  जो आपसे बहुत प्यार करते हो,जैसे की आप खुद - खुद से बाते करो , खुद को जानो  ,क्योकि  खुद से अच्छा  आपको कोई  नहीं जान सकता ,आपको जो चीज अच्छी लगती है   वो कीजिये  और याद रखिए |  हर रेड सिग्नल के बाद ग्रीन सिग्नल जरूर  है |  और  इन दोनों सिग्नल के बीच  येलो यानि वेटिंग सिग्नल वो आपको अलर्ट करता है  आने वाले ग्रीन सिग्नल के लिए  क्युकि   रात के बाद का सवेरा एक  नयी उम्मीद , नहीं  रौशनी  लता है अपने साथ तो रेड सिग्नल दे लाइफ तो याद   राखिए  आपको बहुत  कुछ मिलने वाला है इतना की आपने  सोचा भी नहीं होगा    तो रेड  मीन्स  कभी भी  हार नहीं होता  रेड  से ग्रीन जरूर होगा   पर वो आपके माइंड  के  येल्लो  सिग्नल पे डिपेंड  करता है  फाइट  कीजिये या फिर  रोते रहिए  रेड सिग्नल देख कर |   

sanyatikarya / Author & Editor

नमस्कार राम राम मेरे प्यारे श्रोताओं मेरा नाम सान्या है। मैं एक पेशे से एक डॉक्टर हूं। मै बीमारी का भी इलाज करती हूं दवाई से और कविताओं से भी विचलित मन का इलाज करती हूं। मेरी समस्त कविताएं संजीदा और प्रेरणादायक मुद्दे पर होती है जो इंसान को जीने के लिए प्रेरित करती है तो आप सभी कवि मित्रो और साहित्य प्रेमियों का मै सान्या आपका स्वागत करती हू|

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