Wednesday, May 9, 2018

बातचीत का एक नया तरीका - एक बिचार मेरा एक आपका -3

sanyatikarya

क्या आप  अपनी लाइफ से परेशान हैं ?

      या  खुद से परेशान  हों  तो सुनो  और सोचो  लाइफ रोलर कास्टर  हैं  कभी  अप  तो कभी  डाउन कभी अनगिनत खुशियाँ  होंगी  तो कभी गम ,परेशानी भी होगी  अब आप  सोचो अगर सिर्फ  खुशियाँ  ही खुशियाँ  होंगी  तो क्या  हम  उनकी कदर करेंगे नहीं ना   लाइफ भी बोरिंग सी हो जाऐगी |  एक  बात  हमेशा याद रखना की परेशानियाँ  सिर्फ और  सिर्फ हमे  स्ट्रॉन्ग  बनाने के लिए आती हैं |  अब आप बोलेंगे वो तो ठीक हैं,  लेकिन हर  बार में ही क्यों ? तो इट्स  जस्ट सो सिम्पल  हम सब जब प्रोब्लेम्स आती हैं  ना  तो व्हाई मी  का टैगलाइन  अपने ऊपर लगा लेते और खुद को बेचारा वाली नज़रो से देखने  लगते हैं  |  हाँ  सही भी हैं  हमे लगता है हम ही बेकार  है और  ना जाने क्या क्या ? लेकिन उस टाइम पे हम यह भूल जाते हैं  सब चीजों की दो पेहलु  होते हैं  |  उस टैगलाइन वाले जोन से बाहर अगर देखे तो समझ  आएगा की प्रॉब्लम सिर्फ उनको मिलते है जो उसे फेस करना जानते हैं | और प्रॉब्लम सिर्फ हमे स्ट्रांग बनाने के लिए ही आती हैं  और अगर आपको लगता है आप यूज़लेस  हों  तो अपनी नज़रे चारों तरफ एक बार अच्छे से घुमाना  जब  एक  छोटी सी चीटी  भी यूज़लेस   नहीं हैं  कॉमन  फिर आप कैसे हो सकते  हों ?  

सो नेवर सै व्हाई मी  ऑलवेज सै  यस इट्स  मी  एंड मुस्कुराते रहिए  लाइफ एन्जॉय करते  रहिए |

       

                  

sanyatikarya / Author & Editor

नमस्कार राम राम मेरे प्यारे श्रोताओं मेरा नाम सान्या है। मैं एक पेशे से एक डॉक्टर हूं। मै बीमारी का भी इलाज करती हूं दवाई से और कविताओं से भी विचलित मन का इलाज करती हूं। मेरी समस्त कविताएं संजीदा और प्रेरणादायक मुद्दे पर होती है जो इंसान को जीने के लिए प्रेरित करती है तो आप सभी कवि मित्रो और साहित्य प्रेमियों का मै सान्या आपका स्वागत करती हू|

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