Friday, April 21, 2017

Aandhi ....

sanyatikarya
   


     आज फिर किसी के अस्तित्व पर  उंगली उठी है
    आज फिर कही द्रोपती का चीर हरण हुआ है
   आज फिर कोई दामिनी चलती बस से नगन फेंकी  गयी है
    आज  फिर किसी निर्दोष को सजा हुई है
  आज फिर कोई कही  भूखा सोया है
Image result for aandhi weather with thundring and tree
pic courtesy - pinterest.com
 आज फिर कोई दो बूंद पानी के लिए तरसा है
  आज फिर कोई गरीब रोड पर सोया है  
 आज फिर कई लाखो बच्चे मजबूर है मजदूरी  करने को
 अरे ! आज फिर करप्शन भ्रष्टाचार ने अपना रुख  दिखाया  है
आज फिर कोई कोई नेता पैसो के लिए बिका है
आज फिर कोई लड़की का सौदा हुआ है
आज फिर कोई भाई अपने भाई का खून करते पकड़ा गया है
    चंद पैसो के लिए
       अरे ! आज कोई सागा -सम्बन्दि नहीं रहा
      आज  सगा  है  तो पैसा
       बिकने लगे है सब  रिश्ते पैसो से
            ऐ ! मनुष्य  अब तो शर्म  कर यह सब देख कर निरजीव भी जीवित हो जाते है
                आस्मा पेड़ भगवान सब अपना रुख दिखाते है 
                   आस्मा  में बिजली अर्थात उसका क्रोध सिमटता है 
                 पेड़ से तेज हवाए  भी अपना रुख दिखाती है 
         ऊपर वाला जब यह सब देख  रोता है  तब बारिश होती है 
      और हम मनुष्य उसे बिन मौसम बारिश  बोल देते है  
      
             मनुष्य की क्या बात हाथी में घोडा 
          घोड़े में हाथी  नज़र  आता है 
   सोचना  जरूर    यह नज़रो का खोट है या बिचारो का  






                    




sanyatikarya / Author & Editor

नमस्कार राम राम मेरे प्यारे श्रोताओं मेरा नाम सान्या है। मैं एक पेशे से एक डॉक्टर हूं। मै बीमारी का भी इलाज करती हूं दवाई से और कविताओं से भी विचलित मन का इलाज करती हूं। मेरी समस्त कविताएं संजीदा और प्रेरणादायक मुद्दे पर होती है जो इंसान को जीने के लिए प्रेरित करती है तो आप सभी कवि मित्रो और साहित्य प्रेमियों का मै सान्या आपका स्वागत करती हू|

4 comments:

Coprights @ 2016, Blogger Template Designed By Templateism | Templatelib