कैसे व्यान करू अल्फाज नहीं है
दर्द का एहसास नहीं है
गोलियों के बाजार मै इन्साननियत का कोई मोल नहीं है
क्या नन्हे मासूम बूढ़े किसी का कोई मोल नहीं है
मोल है तो सिर्फ किसी के रूह से बहते हुए लहू का
देख लाशें तुम जश्न न मनाओ
लाशें इधर भी है तो उधर भी है
ऐ लाशें नही इन्सानियत का कत्ल है
मन की आँखे खोल और देख
मंज़र अपनी तवाही का
हर लव पै तेरे लिए बददुआ है
ज़रा -जरा सासे -सासे कोष रहा तुझे
ममता की कोक
माथे का सिन्दूर
पिता के बुढ़ापे का सहारा
नान्हो से पिता छीन कर क्या मिला है
वेशक तेरे आतंक की कोई सीमा नही है
पर खोफ कर उस खुदा से
क्योंकि अब माफ़ी की कोई गुंजईश नहीं है ॥
दर्द का एहसास नहीं है
गोलियों के बाजार मै इन्साननियत का कोई मोल नहीं है
| pik courtesy -Marist Media hub .com |
मोल है तो सिर्फ किसी के रूह से बहते हुए लहू का
देख लाशें तुम जश्न न मनाओ
लाशें इधर भी है तो उधर भी है
ऐ लाशें नही इन्सानियत का कत्ल है
मन की आँखे खोल और देख
मंज़र अपनी तवाही का
हर लव पै तेरे लिए बददुआ है
ज़रा -जरा सासे -सासे कोष रहा तुझे
ममता की कोक
माथे का सिन्दूर
पिता के बुढ़ापे का सहारा
नान्हो से पिता छीन कर क्या मिला है
वेशक तेरे आतंक की कोई सीमा नही है
पर खोफ कर उस खुदा से
क्योंकि अब माफ़ी की कोई गुंजईश नहीं है ॥
Gud work
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