बेशक दिवाली आयी है ।
पर किस के लिए खुशिया लाई है ॥
चारो तरफ घोर मंहगाई किस की लिए दिवाली आयी ।
किस के लिए खुशिया लाई है ॥
अमीर ग़रीब की बीए बीच गहरी खाई दिवाली आयी है ।
पर किस के लिए खुशिया लाई है ॥
नेता और अभिनेताओ की तो रोज दिवाली है
गरीबो की तो झोली खाली है ॥
पर किस के लिए खुशिया लाई है ॥
चारो तरफ घोर मंहगाई किस की लिए दिवाली आयी ।
किस के लिए खुशिया लाई है ॥
अमीर ग़रीब की बीए बीच गहरी खाई दिवाली आयी है ।
पर किस के लिए खुशिया लाई है ॥
नेता और अभिनेताओ की तो रोज दिवाली है
गरीबो की तो झोली खाली है ॥
बेशक दिवाली आयी है ।
पर किस के लिए खुशिया लाई है ॥
अमीरो के लिए दूध ब्रेड बिस्कुट
और वहां गरीब सो रहा खली पेट
बेशक दिवाली आयी है ।
पर किस के लिए खुशिया लाई है ॥
यहाँ सुना आशियाना उनका
वहाँ चमक और उत्सब की बधाइयां
आखिर किस के लिये दिवाली आयी
बेशक दिवाली आयी है ।
पर किस के लिए खुशिया लाई है ॥
उनके घरो में हज़ारो के पटाके फूटे
कही इन पटाखों को बनाने में कितने घर टूटे
कही ख़ुशी कही आतंक कही मातम की शहनाई है ,
आखिर किस के लिये दिवाली आयी है ।
बेशक दिवाली आयी है ।
पर किस के लिए खुशिया लाई है ॥
पर किस के लिए खुशिया लाई है ॥
अमीरो के लिए दूध ब्रेड बिस्कुट
और वहां गरीब सो रहा खली पेट
बेशक दिवाली आयी है ।
पर किस के लिए खुशिया लाई है ॥
यहाँ सुना आशियाना उनका
वहाँ चमक और उत्सब की बधाइयां
आखिर किस के लिये दिवाली आयी
बेशक दिवाली आयी है ।
पर किस के लिए खुशिया लाई है ॥
उनके घरो में हज़ारो के पटाके फूटे
कही इन पटाखों को बनाने में कितने घर टूटे
कही ख़ुशी कही आतंक कही मातम की शहनाई है ,
आखिर किस के लिये दिवाली आयी है ।
बेशक दिवाली आयी है ।
पर किस के लिए खुशिया लाई है ॥

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