उठालो हाथ में मोमबत्तियां , आप और कर भी क्या सकते हो ?
डर -डर के तो मर रहे हो ,और ज्यादा कर भी क्या सकते हो
आज किसी और की हालत है , कल तुम्हारी होगी
वो भी देख तुम टीवी पर शोक मनालेना
तुम और कर भी सकते हो
उठालो हाथ में ... ....... क्या सकते हो || १ ||
तुम्हारी ज़िन्दगी में भी मीडिया का असर है
दुसरो के जैसा तुममे भी कुछ ज्यादा हि डर है
दुसरो की ज़िन्दगी का बड़ा पता है
तुम्हें ,तुम्हारी ज़िन्दगी की कौनसी बड़ी कदर है
तुम्हे तुम्हारे पास जो अमृत है ,उसकी परवा नहीं
दुसरो के ज़हर के दिखावे का बड़ा मज़ेदार वाला डर है
तुम बस दुसरो की देखो , दुसरो से जलो
दुसरो की राहों में तुम वाह! गुरुर खुद ही गुजरते हो
तुम दुसरो की वज़ह से ही तो हो , तुम खुद के लिए ओर कर भी क्या सकते हो
उठालो हाथ में मोमबत्तियां , आप और कर भी क्या सकते हो || २ ||
इंस्पिरेशन फ्रॉम :- श्रीकान्त सर
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