जननी हो तुम , कल्याणी हो तुम
ममता की मूरत हो तुम
अद्भुत हो ! माँ अद्भुत हो तुम
कभी डॉट- झपट कर हमे रुलाती हो
तो कभी प्यार से गले लगाती हो
बस देख हमे खुश , खुश हो लेती हो तुम
मेरी राहों के काटो को, फूलो में परिवर्तित कर देती हो तुम
दुनिया के दिए गहरे घावों को , पल में भर देती हो तुम
अद्भुत हो ! माँ अद्भुत हो तुम
इस तपती दुनिया में , ममता की छाँव हो तुम
चाँद -सितारे फीके जिसके आगे
वो सरल - स्वाभावी की मूरत हो तुम
ना जाने कौन सा करिश्मा हो तुम
अद्भुत हो ! माँ अद्भुत हो तुम
यह दुनिया एक नदिया है
तो किनारा हो तुम
मेरे अंधियारे जीवन में
सूरज की तरह उजियाला हो तुम
में समज नहीं पाया कैसी हो तुम
बस
अद्भुत हो ! माँ अद्भुत हो तुम
माँ तुझे कोटि - कोटि नमन
ममता की मूरत हो तुम
अद्भुत हो ! माँ अद्भुत हो तुम
कभी डॉट- झपट कर हमे रुलाती हो
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| image courtesy- www.shayari7.com |
बस देख हमे खुश , खुश हो लेती हो तुम
मेरी राहों के काटो को, फूलो में परिवर्तित कर देती हो तुम
दुनिया के दिए गहरे घावों को , पल में भर देती हो तुम
अद्भुत हो ! माँ अद्भुत हो तुम
इस तपती दुनिया में , ममता की छाँव हो तुम
चाँद -सितारे फीके जिसके आगे
वो सरल - स्वाभावी की मूरत हो तुम
ना जाने कौन सा करिश्मा हो तुम
अद्भुत हो ! माँ अद्भुत हो तुम
यह दुनिया एक नदिया है
तो किनारा हो तुम
मेरे अंधियारे जीवन में
सूरज की तरह उजियाला हो तुम
में समज नहीं पाया कैसी हो तुम
बस
अद्भुत हो ! माँ अद्भुत हो तुम
माँ तुझे कोटि - कोटि नमन

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